बुधवार, 19 सितंबर 2012

डर गए बिहारियों को डराने वाले


 शेखर झा
पिछले कई सालों से आर्थिक राजधानी मुम्बई में रह रहे बिहारियों को मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने खदेरने की बात कही थी। राज ठाकरे जी को जब कोई मुद्दा नहीं मिलता है, तो कमजोर व असहाय बिहारियों पर अत्याचार जैसी घटना को अंजाम देने लगते हैं। मुम्बई में रह रहे बिहारी लोग बिहार शताब्दी समारोह आयोजित कर रहे है। उस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार शिरकत करने के लिए शनिवार को रवाना हो गए। देखने वाली बात यह होगी कि राज ठाकरे जी क्या करते हैं? उन्होंने पिछले दिनों एक सभा में कहा था कि अगर बिहार दिवस मुम्बई में बिहारी मनाएंगे, तो अंजाम बुरा होगा और मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को नहीं आने की बात कही थी। कार्यक्रम में बिहार के सुपर स्टार भोजपुरी सिंगर मनोज कुमार, उदित नारायण के अलावा अन्य कलाकार अपना परफोरमेंस देंगे। राज ठाकरे जी के तीखे तेवर देखने के बाद और मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के आने की सूचना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिया है। कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की दिक्कते नहीं आने की बात भी कहीं। इतना कुछ होने के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिहारियों को डराने और चमकाने वाले खुद ही चमक गए।

शुक्रवार, 13 अप्रैल 2012

हिन्दुस्तां हमारा है...

हिन्दुस्तां हमारा है। देश की आजादी का जश्न पूरे देश के लोग मनाते हैं, तो कितना खुशी होता है, लेकिन इन दिनों बिहारियों को देखकर जलने वाले लोग कुछ इस कदर मारपीट करने को तैयार है, उसको बयां नहीं किया जा सकता है। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने जो बिहारियों को लेकर तीखी बात कही, वह काफी दुखदाई है। उनको बिहारियों से माफी मांगना होगा। बात चाहे बिहार दिवस मनाने की क्यों न हो। आज कोई मुम्बई में बिहारी मरता है, तो क्या उसको लोग नहीं हेल्प करते हैं। राज ठाकरे जी अभी भी समय है। राजनीति में आगे बढऩा है, तो बिहारियों को निशाना न बनाए। अगर गलती से भी बिहारियों ने आपको निशाना बनाया, तो पता नही क्या होगा। इसलिए जहां तक हो सके राजनीति में आगे बढऩे के लिए बिहारियों को निशाना न बनाकर दूसरा फंडा अपना लें। उत्तरी भारतीय विधायक अबू असिम आजमी बिहार वालों का साथ दे रहे हैं। जिसके चलते राज ठाकरे के नमुने लोग उनके साथ मारपीट जैसी घटनाओं का अंजाम दे रहे हैं, लेकिन यह गलत है। महाराष्ट्र सरकार के लिए यह विषय चिंता जनक है। अगर सरकार ऐसे ही हाथ पर हाथ रखकर बैठी रही, तो अंजाम बुरा हो सकता है। इसलिए सोचे हुए शेर को इल्ली नहीं करना चाहिए।

शनिवार, 17 मार्च 2012

खत्म हुआ इंतजार, कर दिया चमत्कार

सचिन के सौवें शतक पर झूमी ट्विनसिटी
जिस पल का इंतजार सचिन और उनके चाहने वालों को था, आखिरकार शुक्रवार को वह पल आ ही गया। क्रिकेट के भगवान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने ११ वें एशिया कप के दौरान बांग्लादेश के खिलाफ अपना महाशतक पूरा कर लिया। सचिन के सौवें शतक के लिए लोगों ने साल भर इंतजार किया। शतक जैसे ही पूरा हुआ, शहर के चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने मिठाई से एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। सौवेंं शतक पर शहर के क्रिकेट प्रेमियों ने पूरे उत्साह से सचिन को बधाई दी।
रच दिया इतिहास
सचिन के सौवें शतक ने इतिहास रच दिया है। क्रिकेट जगत में देखा जाए, तो सचिन जैसे एम्बेस्डर नहीं मिलेंगे। सचिन के इस शतक ने इंडिया टीम का भी हौसला बढ़ाया है।
- राजा गोपालन, बीएसपी क्रिकेट प्रशिक्षक
अभी और खेलना चाहिए
सचिन के इस शतक ने इंडिया टीम को एक नए मोड़ पर खड़ा कर दिया है। सचिन जब क्रिकेट जगत में आए थे, तो किसी को उम्मीद नहीं था कि कुछ ऐसा कर जाएंगे, लेकिन सचिन ने लोगों में उम्मीद जगाई और उसको पूरा कर दिखा दिया। सचिन को इंडिया टीम के लिए और खेलना चाहिए।
- राजेश चौहान, इंटरनेशनल क्रिकेट प्लेयर्स
जुनून ने दिलाया मुकाम
सचिन में क्रिकेट के प्रति पहले दिन से ही जज्बा और जुनून देखने को मिल रहा था। उसके निरंतर बरकरार रहने का ही ये फल है। सचिन ने जो मुकाम हासिल किया है वह शायद ही आने वाले समय में कोई प्राप्त कर सके। पिछले दिनों सचिन के खराब परफोरमेंस के चलते सीनियर खिलाडिय़ों ने संन्यास लेने की बात कही थी, लेकिन सचिन ने अपने परफोरमेंस को सही करते हुए महाशतक बना लिया।
- राजा बेनर्जी, क्रिकेट कोच, सेल
ले लेना चाहिए सन्यास
सचिन के लिए आज का दिन काफी खास रहेगा। उन्होंने नया इतिहास रच डाला है। लोगों की उम्मीद टूट चुकी थी कि सचिन अपना सौवां शतक बना पाएंगे, लेकिन उन्होंने निराश नहीं किया। बात संन्यास की करें, तो वह सचिन खुद ही जानते हैं। सचिन के संन्यास लेने का ये सबसे अच्छा मौका है।
- परमजीत सिंह,
... तो खेलेगा कौन
क्रिकेट जगत में शायद ही ऐसा कोई खिलाड़ी होगा, जो अपना सौ शतक बना पाएगा। अगर सभी सीनियर खिलाड़ी संन्यास ले लेंगे, तो टीम में खेलने के लिए कौन बचेगा।
- वी. मोहन दास, पूर्व क्रिकेट प्लेयर
बांग्लादेश के खिलाफ भी शतक
सचिन ने सौवां शतक पूरा करने के साथ एक और मुकाम हासिल कर डाला। अभी तक सचिन ने एक दिवसीय मैचों में बांग्लादेश के खिलाफ शतक नहीं लगाया था। वह हसरत भी पूरी हो गई।
- अभय कुमार, क्रिकेट प्लेयर
वर्षगांठ पर सचिन का तोफा
इंडिया टीम और सचिन के लिए आज का दिन यादगार साबित रहेगा। वैसे भी क्रिकेट जगत से जुड़े अधिकतर लोगों को आज का दिन याद रहता है। क्योंकि आज विश्व क्रिकेट का वर्षगांठ है। एक तरह से सचिन ने खुद का सौवां शतक तो बनाया ही साथ ही विश्व क्रिकेट के वर्षगांठ पर तोहफा भी दे दिया। सचिन के इस शतक ने टीम को नए नए मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है।
- हरप्रीत सिंह, क्रिकेट प्लेयर