गुरुवार, 10 मार्च 2011

मुन्नी और शीला ... खतरे में लड़कियां !


मुन्नी बदनाम हुई व माई नेम इज शीला.. शीला की जवानी ... इन गानों ने चारो ओर धूम मचा राखी है , लेकिन इसके चलते मुन्नी ओर शीला नाम की लड़कियों का जीवन खतरे में हैं. लोगों की जुबान पर यह गाना इस कदर चढ़ चुका है कि लड़कियां रोज छेड़छाड़ कि शिकार हो रहें हैं. मनचले गानों के जरिये उन्हें छेड़ रहे हैं, मनोचिकित्सकों का मानना है कि इससे लास्कियाँ डिप्रेशन में जी रही है, लिहाजा बे गलत कदम उठाने पर मजबूर हो जाती हैं.
छत्तीसगढ़ रायपुर के तेलीबांधा कि एक छात्रा ने छेड़छाड़ से तंग आकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली . मौत का कारण लगातार छात्रा कि भावनाओं के साथ कि जा रही खिलवाड़ है . दरअसल कुछ दिनों पहले एक दसवीं कक्षा कि छात्रा नेहा ने क्लास के ही दो मनचले लड़कों कि छेड़खानी से तंग आकर अपने घर पर ही मिटटी के तेल से खुद को जला लिया बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मनोचिकित्सक मानते हैं कि किशोरावस्था में लड़कियों का भावनात्मक विकास हो रहा होता है , लिहाजा इस अवस्था में खुद पर काबू रख पाना मुमकिन नहीं होता . जो दिल से मजबूत हैं उनके साथ दिक्कत कम है लेकिन जो जो भावुक है वह गलत कदम उठा लेती हैं. फ़िल्मी गानों में लगातार लड़कियों के नामों का इस्तेमाल ओर गानों में फूहड़ता ने किशोरों कि मानसिकता बदल दी है. ये गाने इनकी जेहन में इस कदर घर कर जाते हैं कि इन्हें हर लड़की में गाने कि अभिनेत्री ही नज़र आने लगती है. इसके चलते स्कूल कॉलेज ओर आम रस्ते पर छेड़छाड़ आम हो गई है. पब्लिक प्लेस पर गाना गाकर लड़कियों को परेशान किया जा रहा है. कभी शिकायत होती भी है तो उस पर ध्यान नहीं दिया जाता .
लगातार हो रही छेड़खानी के चलते लड़कियां डिप्रेशन में जीने लगी हैं. हालत यहाँ तक पहुँचने लगे हैं कि शिकार युवतियां स्कूल जाने से घबराने लगी हैं , ऐसे मरीजों कि संख्या इन दिनों डॉक्टरों के पास भी बढ़ने लगी है. कई बार स्थिति यहाँ तक पहुँच जाती है कि लड़कियां घर से बाहर कदम निकलने में हिचकिचाती हैं, अमूमन बाकि अवस्था के मुकाबले किशोर वास्ता बेहद संवेदनशील होता है, इस दौरान लड़कियां कूद के व्यक्तित्व को तलाश रही होती है ओर ऐसे वाकये हो जाने पर इसे धक्का लगता है ऐसे में गलत कदम उठाने पर मजबूर हो जाती है,.
अब सवाल ये उठता है कि हम अपने समाज में ऐसे मौत का सामान रूपी गानों को किस तरह पचा पाते है, जिनमे किसी कि भावनाएं तो आहत हो ही रही है साथ ही युवाओं के चरित्र का हनन भी हो रहा है.

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