गुरुवार, 10 मार्च 2011

मुझे ‘मुन्नी बदनाम हुई’ प्यारा लगा: माधुरी

माधुरी दीक्षित को फ़िल्म ‘दबंग’ का गाना ‘मुन्नी बदनाम हुई’ प्यारा लगा|

अस्सी और नब्बे के दशक की हिंदी फ़िल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को फ़िल्म ‘दबंग’ का गाना ‘मुन्नी बदनाम हुई’ प्यारा लगा.पिछले कुछ समय से बॉलीवुड के दो गाने-मुन्नी बदनाम हुई और शीला की जवानी-काफ़ी चर्चा में हैं. कुछ लोगों को ये गाने बहुत पसंद आ रहे हैं जबकि कुछ को नहीं. लेकिन बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक और अपने उम्दा नृत्य के लिए मशहूर माधुरी कहती हैं कि उन्हें ये गाना ‘क्यूट’ लगा. “मैंने तीसमार ख़ाँ नहीं देखी है इसलिए ‘शीला की जवानी’ नहीं देख पाई, लेकिन ‘दबंग’ देखी है. हर किसी का देखने का नज़रिया और कोरियोग्राफ़ी करने का तरीका अलग-अलग होता है. मैं इस बारे में टिप्पणी नहीं कर सकती. हां, मुझे ‘मुन्नी’ अश्लील नहीं लगा. मुझे तो गाना बहुत प्यारा लगा.” माधुरी को फ़िल्म भी काफ़ी मनोरंजक फ़िल्म लगी. वो कहती हैं, “ये सीटी-वीटी बजाने वाली फ़िल्म है. सलमान ख़ान ने बहुत अच्छा काम किया है. मुझे अपनी फ़िल्म ‘राजा’ याद आ गई जो इसी तरह की थी.” माधुरी दीक्षित की गिनती हिंदी सिनेमा की बेहतरीन अदाकारों और डांसर्स में होती है. ये पूछे जाने पर कि अपने नृत्य के लिए उन्हें सबसे बढ़िया ‘कॉम्पलिमेंट’ क्या मिला, उन्होंने बताया, “जब मैंने फ़िल्म ‘बेटा’ का गाना ‘धक-धक’ किया था, तो वहां मेरे कुछ दोस्त भी मौजूद थे. गाने के बाद मेरी एक दोस्त ने कहा कि तुमने कितना अच्छा डांस किया है. किसी ने कहा कि अनिल जी ने भी कितना अच्छा डांस किया है, तो उस दोस्त ने कहा कि, अरे अनिल जी भी थे क्या गाने में....”1984 में राजश्री की फ़िल्म ‘अबोध’ से अपना फ़िल्मी सफर शुरु करने वाली माधुरी एक मध्यमवर्गीय महाराष्ट्रियन परिवार से हैं. इसलिए वो कहती हैं कि फ़िल्मों में आने का फ़ैसला उनके लिए बहुत बड़ी बात थी. लेकिन वो मानती हैं कि जो व्यक्ति की किस्मत में होता है, उसके लिए रास्ते अपने आप निकल आते हैं. माधुरी ने बताया, “जब ‘अबोध’ की थी तब मैं फ़िल्मों के प्रति बहुत गंभीर नहीं थी. सोचा था कि एक फ़िल्म कर लेंगे क्योंकि मुझे पढ़ाई भी करनी थी, मैं साइंस की छात्रा थी. लेकिन जब शूटिंग करनी शुरु की तो मुझे बहुत अच्छा लगा. फिर एक के बाद एक फ़िल्में मिलती गई.” कुछ साल पहले शादी कर अमरीका में बस गईं माधुरी दीक्षित इन दिनों एक डांस रियेल्टी शो को जज कर रही हैं और इस सिलसिले में वो भारत में हैं.

झलक दिखला जा

माधुरी दीक्षित इन दिनों डांस रियेल्टी शो 'झलक दिखला जा' जज कर रही हैं.

करियर के शीर्ष पर होने के बावजूद शादी करने का फ़ैसला करने में माधुरी को कोई दिक्कत नहीं हुई.उन्होंने कहा, “ मुझे कभी ये ख़्याल नहीं आया कि मैं नम्बर वन हूं या करियर छोड़ रही हूं. हर इंसान का अपना सपना होता है कि आपको क्या-क्या चाहिए. मेरे लिए अभिनय व्यवसाय था और मेरे लिए यही ज़रूरी था कि मैं अपना काम अच्छी तरह से करूं. दूसरा, क्योंकि मैं मध्यमवर्गीय परिवार से हूं इसलिए मुझे भी अपने लिए ऐसा ही परिवार, घर, पति और बच्चे चाहिए थे. ये मेरा अपने लिए सपना था और जब मुझे सही व्यक्ति मिल गया, तो फिर फ़ैसला लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं हुई.” अपने करियर में साठ से भी ज़्यादा फ़िल्में करने वाली माधुरी दीक्षित ने रोमांटिक, कॉमेडी और गंभीर, सभी तरह की फ़िल्में की हैं. उनकी आखिरी फ़िल्म 2007 में आई ‘आजा नचले’ थी. लेकिन वो चाहती हैं कि अगर अब वो ऐक्टिंग करें तो रोल उनकी छवि के अनुरुप हो. माधुरी कहती हैं, “अगर आज मैं फ़िल्म करूं तो ये कई बातों पर निर्भर करेगा. जो भी रोल हो वो मेरी छवि के अनुरुप हो और मेरे लिए लिखा गया हो. ज़ाहिर है वो छोटी उम्र का, पेड़ों के इर्द-गिर्द नाचने वाला रोल तो नहीं हो सकता लेकिन मैं हर समय गंभीर किस्म की फ़िल्में भी नहीं करना चाहती. चाहे वो गंभीर फ़िल्म हो या कॉमेडी, रोल ऐसा होना चाहिए जो मेरे लिए सही हो.”

मैंने ‘शीला की जवानी’ नहीं देखा है, लेकिन ‘दबंग’ देखी है. हर किसी का देखने का नज़रिया और कोरियोग्राफ़ी करने का तरीका अलग-अलग होता है. मैं इस बारे में टिप्पणी नहीं कर सकती. हां, मुझे ‘मुन्नी’ अश्लील नहीं लगा. मुझे तो गाना बहुत प्यारा लगा.

माधुरी दीक्षित

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

ब्लॉग प्रस्तुति