मंगलवार, 25 जनवरी 2011

मुन्नी शीला नहीं, बात हो राजनीतिक की


भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष स्मृति इरानी महिला आयोग से बेहद खफा हैं और मानती हैं कि यह तरीके से काम नहीं कर रहा है।
मनीष सिंह
भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शिरकत करने आई मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष स्मृति ईरानी ने रविवार दोपहर पत्रकारों से रुबरु होकर कहा कि लोग मुन्नी की बदनामी और शीला की जवानी नहीं देखें। जनता से आग्रह से है कि वे ऐसी फिल्मों से परहेज करें। वे •ाी यहां इन मुद्दों को लेकर नहीं आई हैं, बल्कि राजनीतिक चर्चा करने आई हैं।
दोनों गानों पर प्रतिबंध के सवाल को वे टाल गर्इं। श्रीमती ईरानी का मानना है कि परिवार ही बच्चे को संस्कार देता है। उन्हें क्या दिखाना है, क्या पढ़ाना है, यह हमारी जिम्मेदारी है। टेलिविजन चैनलों पर अश्लीलता रोकने के लिए उन्होंने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने हर चैनल से कोड आॅफ कंडक्ट बनवाने कहा है। मंत्रालय ने उनकी चिट्ठी को तवज्जो नहीं दी। मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला आयोग पर जमकर बरसीं। उन्होंने आयोग पर अपने अधिकारों का ठीक तरीके से उपयोग नहीं करने का आरोप लगाया। बांदा रेप केस एवं इंग्लैण्ड में भारतीय राजदूत द्वारा पत्नी को प्रताड़ित करने के मामले पर आयोग की चुप्पी की आलोचना की। श्रीमती ईरानी ने बताया कि बांदा जाकर उनकी टीम पीड़ित लड़की से मिलीं एवं आंदोलन कर पुलिस अफसरों को सस्पेंड कराया। बिहार के रुपम पाठक मामले के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे फिलहाल वहां नहीं गर्इं हैं। मुख्यमंत्री नीतिश कुमार मामले की निष्पक्ष जांच करवा रहे हैं। लिहाजा उन्होंने वहां जाना मुनासिब नहीं समझा।
हर बूथ में एक महिला
श्रीमती ईरानी ने कहा कि मोर्चा ने बूथ लेवल तक अपनी पकड़ मजबूत करने का प्लान बनाया है। हर बूथ में मोर्चा की एक सदस्य की तैनाती होगी, जिससे सरकार की उपलब्धियां एवं नीतियां ग्रासरुट लेवल तक पहुंचे। ग्रासरुट लेवल की महिलाओं को मोर्चा से जोड़ने का काफी प्लान है।
भरष्टाचार पर वार
वे महंगाई, महिला आरक्षण बिल एवं भरष्टाचार पर केंद्र पर खूब बरसीं। सरगुजा एवं बस्तर इलाके की आदिवासी लड़कियों की अवैध ट्रैफिकिंग के सवाल में वे उलझ गई। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी बात की खबर नहीं।
महिलाओं की तरक्की
श्रीमती ईरानी ने पार्टी की कुछ महिला नेताओं का नाम गिनाते हुए इसे तरक्की का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों में महिलाओं की बेहतरी के लिए मोर्चा काफी कु२छ कर रहा है। कार्यसमिति की बैठक में आर्इं झारखंड की आशा लकड़ा ने आदिवासी महिलाओं की तरक्की में बहुत योगदान दिया है।

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