रविवार, 29 जनवरी 2012

...तो शहर रहेगा साफ-सुथरा

वेस्ट को सही ढंग से करें वेस्ट, लोग जागरूक हो जाएं, तो शहर की सुंदरता में चार चांद लग सकते हैं। घर में होने वाले कचरे को लोग कहीं भी फेंक देते हैं। जिसके चलते शहर के सुंदरता पर दाग तो लगते ही हैं, साथ ही गंदगी भी बढ़ जाती है। अगर घरों में होने वाले कचरे को व्यवस्थित ढंग से फेंका जाए, तो लोगों को गंदगी से छुटकारे के साथ शहर भी साफ-सुथरा नजर आएगा।
शेखर झा
अपने घर को सुंदर बनाने के लिए लोग घर की साफ-सफाई तो कर लेते हैं, लेकिन शहर को गंदा करने से नहीं चूकते। आखिर शहर की सफाई का जिम्मा भी नागरिकों का है ये बात शायद लोगों को याद नहीं रहती। लोग कचरे को कहीं भी खाली जगह पर फेंक देते हैं। चाहे वह खाली जगह अपने घर के सामने हो या किसी और के घर सामने।
महिलाओं की भूमिका अहम
घर की साफ-सफाई का जिम्मा महिलाओं पर होता है और अगर शहर को साफ रखना है तो महिलाओं को भी अपनी भूमिका समझनी होगी। पर्यावरणविदों की मानें तो घर ही पहला स्कूल होता है। अगर खुद माता-पिता ही घर के बाहर कचरा फैलाएंगे तो बच्चों को क्या सबक मिलेगा। महिलाएं अगर इन वेस्ट सामानों को सही ढंग से फेंके, तो शहर के सौंदर्यकृत होने में महत्वपूर्ण योगदान अदा कर सकती हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि शहर में इस तरह की दिक्कतों को महिलाएं कुछ पल में ही दूर नहीं कर सकती हैं, लेकिन इसके लिए पहल जरूर कर सकती हैं। मेट्रो सिटी की तर्ज पर ट्विनसिटी में भी कचरा लेने के लिए घर तक गाड़ी आती है, लेकिन उसके बाद भी शहर के कई हिस्सों में कचरा फैला हुआ मिलता हैं। महिलाओं को वेस्ट सामानों को लेकर पहल करनी होगी, ताकि उन्हें देख दूसरे भी सबक लें।
नालियां नहीं होंगी चोक
अगर कचरे को सही ढंग से डिस्पोज किया जाए तो नालियां चोक होने की समस्या आसानी से खत्म हो सकती है, इसके लिए जरूरी है कि मेडिकल वेस्ट की तरह कचरे को भी बांटा जाए, यानी पॉलीथिन बेस वाले कचरे को अलग डिस्पोज किया जाए और घर के अन्य कचरे को अलग फेंका जाए। लोग वेस्ट सामानों को फेंकने को लेकर सजग हो जाएं, तो गंदगी को काफी हद तक कम किया जा सकता हैं। घर से निकलने वाले कचरे को सही जगह पर डंप किया जाए, तो शहर की सुंदरता को चार चांद लगाए जा सकते हैं। राधिका नगर निवासी रेणु चौबे कहती हैं कि वह घर में होने वाले वेस्ट सामानों को जमीन के अंदर डाल देती हैं। उससे कहीं भी कचरा देखने को नहीं मिलता है। वेस्ट सामानों को जमीन में दबाने कई फायदे हैं। पहला तो शहर में कहीं कचरा देखने को नहीं मिलेगा और दूसरा वेस्ट समानों को कहां फें के, उसकी टेंशन भी खत्म हो जाएगी।
हो जाएगी रिसाइकिल
लोगों के द्वारा फेंके जाने वाले पॉलीथिन को एक जगह एकत्रित करके जमीन में दबा दिया जाए, तो कोई दिक्कत नहीं होगी। पॉलीथिन के बाहर फेंकने से पर्यावरण के साथ जानवरों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता हैं। अक्सर लोग घरों में होने वाले कचरे को पॉलीथिन में डालकर बाहर फेंक देते हैं। साथ ही रद्दी कागज और किचन के वेस्ट सामानों को जमीन के अंदर डाल दिया जाए, तो न ही पर्यावरण पर बुरा असर पड़ेगा और न ही लोगों पर।
आउटर में होना चाहिए टेंचिंग ग्राउंड
ट्विनसिटी में कई जगह ऐसी हैं, जहां आपको कचरा दिख जाएगा। वैशाली नगर, राधिका नगर, जवाहर नगर, मौर्या टॉकीज चौक के पास कचरा दिखना आम है। कचरा फेंकने के लिए नगर निगम के द्वारा शहर के आउटर में खाली जगह है। वहां गाडिय़ों के माध्यम से कचरा फेंका जाता है। कुछ दिन रहने के बाद कचरे में आग लगाकर जला दिया जाता है। टेंचिंग ग्राउंड के शहर से दूर होने पर लोगों को गंदगी का सामना नहीं करना पड़ता है।
जागरुकता की कमी
घरों में होने वाले कचरे के लिए नगर निगम की ओर से गाडिय़ां चलाई जा रही हैं, लेकिन उसके बाद भी कई घरों के सामने कचरा पड़ा रहता है। लोगों में जागरुकता की कमी है। घर में होने वाले वेस्ट सामानों को किसी एक जगह एकत्रित करके रखें और गाड़ी आने पर उसमें डाल दें। अगर शहर के लोग ऐसा करते हैं, तो गंदगी से आसानी से निजात मिल जाएगी।
-निर्मला यादव, महापौर भिलाई नगर निगम
ये हैं फायदे
० शहर दिखेगा साफ और सुंदर
० नालियां नहीं होंगी चोक
० गंदगी से मिलेगा छुटकारा
० पर्यावरण रहेगा ठीक
ये हैं नुकसान
० मच्छरों से रहते हैं परेशान
० पॉलीथिन होती है घातक
० सुंदरता में आती है बाधा
० अक्सर नालियां हो जाती है जाम
० हर जगह सिर्फ दिखता वेस्ट
० पशुओं के निगल लेने से उनकी जान को खतरा

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